भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में बिना रॉयल्टी वाले रेत माफिया सक्रिय, माफियाओं पर प्रशासन मेहरबान….?
स्थानीय विधायक सावित्री मंडावी के विधानसभा क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा है रेत का अवैध कारोबार, विपक्ष में रहते खामोश क्यों ?
भानुप्रतापपुर / अरुण कुमार रावत
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में अवैध रेत का खनन एक बार फिर धड़ल्ले से चल रहा है, रेत माफिया बेखौफ होकर रात के अंधेरे में बिना रॉयल्टी के रेत तस्करी कर रहे है, मामला पूरे भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र का है जहां पिछले कुछ दिनों से भारी मात्रा में अवैध रेत खनन का कार्य चल रहा है, आखिर किसके संरक्षण में रेत माफिया इतना निडरता के साथ काम को अंजाम दे रहे है ।

इसकी जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधि और विधायक को भी है लेकिन अभी तक अवैध खनन रोक के लिए कोई भी सामने नहीं आ रहे है, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय विधायक सावित्री मंडावी और जनप्रतिनिधियों को रेत माफियों के द्वारा मोटी रकम भेजे जाने की आशंका है,,,,और आशंका इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि पिछले सत्र में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के द्वारा अवैध खनन को लेकर SDM कार्यकल घेराव करने पहुंचे थे ,लेकिन इस बार न ही कोई धरना प्रदर्शन और न ही किसी प्रकार का शिकायत,इससे साफ़ अंदाजा लगाया जा सकता है कि मामला सेट है

विधायक सावित्री मंडावी लगातार कर रहीं अपने विधानसभा क्षेत्र का दौरा ।
आपको बता दें कि अपने विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय विधायक सावित्री मंडावी का दौरा लगातार रहता है,और मंडावी जी को भानुप्रतापपुर विधानसभा का सबसे लोकप्रिय विधायक माना जाता है, लेकिन विपक्ष में रहते हुए ऐसे मामलों पर खामोश रहना क्षेत्र के जनता के मन में भी सवालिया निशान खड़े हो रहे है ।
रेत के अवैध कारोबार को लेकर भाजपा का कोई प्रतिक्रिया नहीं..!
राज्य में भाजपा का सरकार है,और वैसे भी भाजपा की कानून व्यवस्था से जनता भली भांति परिचित हैं,लेकिन अब रेत माफिया भी बेख़ौफ़ होकर रेत तस्करी कर रहे हैं, कांकेर जिला में दो विधायक भाजपा से और सांसद भी भाजपा से है लेकिन किसी ने भी अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्यवाही नहीं कराई,हालांकि जनता भी समझती है कि कार्यवाही क्यों नहीं हो रहा है ।
अवैध खनन से राजस्व हानि:-
जिले में अवैध खनन का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है, जिससे शासन को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। रेत,खनिजों का बिना अनुमति उत्खनन कर खुलेआम परिवहन किया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभागों की कार्रवाई नाकामी साबित हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, खनन माफिया रात के अंधेरे में नदियों से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर रहे हैं। इससे न केवल सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण संतुलन भी बिगड़ रहा है ।
जानकारी के अनुसार रेत माफिया प्रदेश नेतृत्व के माध्यम से यहां तक पहुंचे है,और बिना किसी डर के नियम कानूनों को ताक में रख प्रशासनिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है ।



